Tuesday, March 17, 2026

आँखें भर आयीं - Her Version

 आज फिर तेरी आहट ने दिल को छुआ यूँ ही,

बरसों बाद तुझसे मुलाक़ात हुई… आँखें भर आयीं।

तुझसे दूर होकर भी तुझमें ही रही हर पल,

तेरा नाम दिल ने जो दोहराया… आँखें भर आयीं।

कितनी रातें तेरी याद में चुपचाप रोई हूँ,

आज तुझे यूँ सामने पाया… आँखें भर आयीं।

तू समझा होगा मैं भूल गयी हूँ सब कुछ,

पर तेरी एक झलक ने बताया… आँखें भर आयीं।

जुदाई मैंने भी हर रोज़ जी है ख़ामोशी से,

आज वही दर्द फिर मुस्कुराया… आँखें भर आयीं।

न शिकवा किया तुझसे, न कोई सवाल रखा,

बस दिल ने तेरा नाम सजाया… आँखें भर आयीं।

तू कुछ न बोला, मैं भी खामोश ही रही,

मगर हर लफ़्ज़ दिल ने सुनाया… आँखें भर आयीं।

जब तू मुड़ के चला गया, मैं भी वहीं ठहर गयी,

अपने ही दिल को समझाया… आँखें भर आयीं।

------ विभव जोगळेकर

No comments:

Post a Comment

नको कोणाला सांगू...

काय कुठे कधी कसे झाले सांग मला, कोण कोणाला कधी काय बोलले सांग मला, त्या बातमीला तिखट मीठ लावायचे मला, "नको कोणाला सांगू" म्हणत सर्...