पल खुशी के जो आये, तो ये तेरे करम है,
गम के बादल जो छाये, तो भी तेरे करम है,
तू जो धरती पे है आया, तो इतना समझ ले,
हिसाब होना है बाकी, कुछ ऐसे तेरे करम है...
------- विभव जोगळेकर
जन्मोजन्मीचे वाहून ओझे, थकलो आता "आई" गं, आवराया हा सारा पसारा, मार्ग आता तू दावी गं... संचित बहू कर्माचे हे, नित्य भर त्यात पडते ...
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